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Bihar Dakhil Kharij Online 2026: जमीन का दाखिल खारिज मुफ्त में ऐसे करें, 35 दिन में होगा फैसला

लेखक: Sukhbir अपडेट: राज्य: बिहार

बिहार में जमीन खरीदने, उपहार में मिलने, बंटवारे या पिता-दादा से वरासत में मिलने के बाद उसे अपने नाम पर दर्ज कराना जरूरी है। इसी प्रक्रिया को दाखिल खारिज (Mutation) कहते हैं। अच्छी खबर यह है कि बिहार में दाखिल खारिज का आवेदन ऑनलाइन और बिल्कुल निःशुल्क है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहारभूमि पोर्टल पर घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

⚡ एक नज़र में
लाभ / राशि
आवेदन निःशुल्क
कौन आवेदन करे
बिहार के निवासी
आवेदन
ऑनलाइन
विषय सूची (Table of Contents)
  1. दाखिल खारिज क्या है?
  2. कौन आवेदन कर सकता है?
  3. जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
  4. ऑनलाइन दाखिल खारिज आवेदन कैसे करें?
  5. आवेदन के बाद क्या होता है? (पूरी प्रक्रिया)
  6. समय सीमा – 90 दिन का नियम
  7. आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें?
  8. आवेदन रद्द हो जाए तो क्या करें?
  9. अपनी जमीन को धोखाधड़ी से कैसे बचाएं?
  10. महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Bihar दाखिल खारिज – Overview
योजना / पोस्ट का नामBihar दाखिल खारिज
प्रकारसरकारी सेवा
विभाग / संस्थाराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार
राज्यबिहार
लाभ / राशिआवेदन निःशुल्क
आवेदन का तरीकाऑनलाइन
आवेदन की समय सीमाजमीन मिलने के 90 दिन के अंदर
फैसले का समयबिना आपत्ति 35 कार्य दिवस, आपत्ति होने पर 75 कार्य दिवस
आपत्ति के लिए नोटिस अवधि14 दिन
आधिकारिक वेबसाइटbiharbhumi.bihar.gov.in (लिंक नीचे दिया गया है)

दाखिल खारिज क्या है?

दाखिल खारिज का मतलब है – पुराने मालिक (रैयत) का नाम जमाबंदी से खारिज करना और नए मालिक का नाम दाखिल करना। रजिस्ट्री (केवाला) से जमीन आपकी हो जाती है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में नाम दाखिल खारिज के बाद ही बदलता है। इसके बिना लगान रसीद, LPC, बैंक लोन और आगे बिक्री में दिक्कत आती है।

कौन आवेदन कर सकता है?

जिस रैयत को जमीन का अधिकार मिला है, वह खुद आवेदन कर सकता है। विभाग की सलाह है कि आवेदन अपने खुद के लॉगिन से करें, ताकि हर सूचना और SMS आपको ही मिले। जरूरत हो तो सेवा केंद्र की मदद भी ली जा सकती है।

जरूरी दस्तावेज (Documents Required)

जमीन कैसे मिलीक्या लगाना है
खरीद / उपहार / अदला-बदली निबंधित केवाला (सेल डीड) या दानपत्र
बंटवारा कोर्ट आदेश या निबंधित बंटवारा पत्र या सभी पक्षों के हस्ताक्षर वाला आपसी बंटवारा पत्र, साथ में सभी की लिखित सहमति
वरासत (पिता/दादा से) मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली
वसीयत प्रोबेट आदेश के साथ वसीयत
जमाबंदी रैयत के अलावा किसी और से खरीदी वंशावली, बेचने वाले का जमाबंदी रैयत से संबंध का प्रमाण और अन्य हिस्सेदारों की लिखित सहमति
महत्वपूर्ण:

आवेदन से पहले देख लें कि बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन है और उसमें वही खाता, खेसरा और पर्याप्त रकबा दर्ज है। अगर जमाबंदी में गलती है, तो पहले परिमार्जन प्लस पोर्टल से उसे सुधरवाएं, वरना दाखिल खारिज आवेदन लौटा दिया जाएगा।

ऑनलाइन दाखिल खारिज आवेदन कैसे करें?

  1. बिहारभूमि पोर्टल खोलें
    biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं और "ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन करें" पर क्लिक करें।
  2. नागरिक लॉगिन / रजिस्ट्रेशन
    पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो नागरिक लॉगिन पेज पर नया रजिस्ट्रेशन करें, फिर उसी यूजर आईडी से लॉगिन करें।
  3. फॉर्म भरें
    जिला, अंचल, मौजा, खाता, खेसरा, रकबा, बेचने वाले और खरीदने वाले की जानकारी ध्यान से भरें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें
    ऊपर दी गई सूची के अनुसार केवाला / वंशावली / बंटवारा पत्र आदि स्कैन करके अपलोड करें।
  5. सबमिट करें और टोकन नंबर नोट करें
    आवेदन जमा होते ही एक Token नंबर मिलता है, इसे संभालकर रखें। स्टेटस देखने में यही काम आएगा।

आवेदन के बाद क्या होता है? (पूरी प्रक्रिया)

  1. जांच (Scrutiny) – अंचलाधिकारी आवेदन जांचते हैं। कमी होने पर आवेदन कारण के साथ आपके लॉगिन में वापस आता है, जिसे सुधार कर दोबारा भेज सकते हैं।
  2. स्थल जांच – राजस्व कर्मचारी और फिर राजस्व अधिकारी जांच रिपोर्ट देते हैं।
  3. आम और खास सूचना – नोटिस जारी होता है और 14 दिन तक आपत्ति ली जाती है।
  4. आदेश – आपत्ति न हो तो आवेदन मिलने के 35 कार्य दिवस में और आपत्ति हो तो सुनवाई के बाद 75 कार्य दिवस में आदेश होता है।
  5. शुद्धि पत्र – मंजूरी के बाद अंचलाधिकारी शुद्धि पत्र जारी करते हैं और खेसरा का रकबा पुराने रैयत से नए रैयत के नाम चला जाता है।

समय सीमा – 90 दिन का नियम

जमीन का अधिकार मिलने के 90 दिन के अंदर दाखिल खारिज का आवेदन करना चाहिए। देर होने पर आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगानी होती है, जिस पर अंचलाधिकारी गुण-दोष के आधार पर फैसला करते हैं।

आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें?

क्या जानना हैकहां देखें
टोकन नंबर से कमी की जांच पोर्टल पर "दाखिल ख़ारिज त्रुटि जांच"
जांच की स्थिति और सुधार अपने लॉगिन में Application Scrutiny Status
केस की स्थिति "दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति देखें" – जिला, अंचल, केस नंबर और वित्तीय वर्ष डालकर

आवेदन रद्द हो जाए तो क्या करें?

अगर आप फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो आदेश के 30 दिन के अंदर भूमि सुधार उप समाहर्ता के पास अपील कर सकते हैं। इसके बाद समाहर्ता / अपर समाहर्ता के यहां रिवीजन, और फिर बिहार भूमि न्यायाधिकरण या सिविल कोर्ट का रास्ता है।

आधिकारिक लिंक (Official Links)

ये लिंक सीधे सरकारी / आधिकारिक वेबसाइट पर खुलते हैं। SarkariLekha आपसे कोई फीस या दस्तावेज नहीं मांगता। लिंक जांचे गए: 02 नव. 2026

अपनी जमीन को धोखाधड़ी से कैसे बचाएं?

बिहारभूमि पर अपने खेसरा के लिए SMS अलर्ट सेवा चुन सकते हैं। इससे आपकी जमीन पर कोई लेन-देन होने से पहले आपको सूचना मिल जाती है। अगर किसी और ने गलत दाखिल खारिज आवेदन किया है, तो लॉगिन करके "दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें" से 14 दिन की नोटिस अवधि में आपत्ति दर्ज करें।

ऑनलाइन दाखिल खारिज आवेदन / नागरिक लॉगिन यहां क्लिक करें
दाखिल खारिज आवेदन स्थिति देखें यहां क्लिक करें
दाखिल खारिज त्रुटि जांच (टोकन नंबर से) यहां क्लिक करें
जमाबंदी पंजी देखें यहां क्लिक करें
परिमार्जन प्लस (जमाबंदी सुधार) यहां क्लिक करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

बिहार में दाखिल खारिज की फीस कितनी है?
दाखिल खारिज का आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
दाखिल खारिज में कितने दिन लगते हैं?
आपत्ति न हो तो आवेदन मिलने से 35 कार्य दिवस में और आपत्ति होने पर 75 कार्य दिवस में आदेश दिया जाता है।
जमीन रजिस्ट्री के कितने दिन बाद दाखिल खारिज करना चाहिए?
अधिकार मिलने के 90 दिन के अंदर। देर होने पर विलंब माफी याचिका लगानी होती है।
दाखिल खारिज रद्द होने पर अपील कहां करें?
आदेश के 30 दिन के अंदर भूमि सुधार उप समाहर्ता के यहां अपील कर सकते हैं।
दाखिल खारिज पूरा होने के बाद क्या मिलता है?
मंजूरी के बाद शुद्धि पत्र जारी होता है और जमाबंदी में नए रैयत का नाम दर्ज हो जाता है।

ध्यान दें: यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर 02 नवम्बर 2026 को अपडेट की गई है। तिथियां और नियम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें। कोई जानकारी गलत लगे तो हमें बताएं।

Sukhbir – संपादक – राज्यवार सेवाएं और भूमि रिकॉर्ड

राज्यों की ऑनलाइन सेवाओं पर लिखते हैं – भूलेख, खतौनी, जमाबंदी, दाखिल खारिज, जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र, आधार, पैन, राशन कार्ड और वोटर आईडी। हर लेख के लिए ये पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया खुद चलाकर देखते हैं, ताकि बताए गए स्टेप्स और बटन के नाम वही हों जो स्क्रीन पर दिखते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

SarkariLekha.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। यह किसी भी सरकारी विभाग या संस्था से जुड़ी नहीं है और न ही कोई सरकारी वेबसाइट है। हम केवल जानकारी देते हैं और आधिकारिक वेबसाइट तक पहुंचने में मदद करते हैं। हम आपसे कोई दस्तावेज, फीस या निजी जानकारी नहीं मांगते। आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जरूर जांच लें।